मेरे आंसू तेरे बंधन

By Gautam Godse· September 1, 2015· 1 min read

मेरे आंसू तेरे बंधन 

यूँ ही साथ चलते चलते 

क्यों छोड़ दिया मेरा हाथ 

बादलों की गवाही में 

भूल गयी वो मुलाकात 

 

मेरी ज़िन्दगी की धड़कन 

मेरे आंसू तेरे बंधन 

 

ये तस्वीरें ये यादें 

गिर गयी एक चिलमन 

अब कैसे सज पाऊँ मैं 

टूटे मेरे सरे दर्पण 

 

मेरी ज़िन्दगी की धड़कन 

मेरे आंसू तेरे बंधन 

 

कुछ तो कहा होता 

आखिर क्यों मुझे रुलाया 

अब क्या ख़ुशी क्या गम 

दिल तो मैंने दफनाया 

 

मेरी ज़िन्दगी की धड़कन 

मेरे आंसू तेरे बंधन

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