इंसानियतBy Gautam Godse· March 18, 2019· 1 min readShare on XShare on LinkedInShare by emailCopy link आज इस नादाँ जहाँ में मक़ाम ज़्यादा रास्ते कमऔर इंसानो की बस्ती मेंख्वाइशे ज़्यादा इंसानियत कम