सहाराBy Gautam Godse· March 18, 2019· 1 min readShare on XShare on LinkedInShare by emailCopy link बौखला गया हूँ तेरी आरज़ू की कश्ती में क्या देखा ऐसा तूने मेरी बदनाम हस्ती में तेरी अनजान इश्क़ का मारा हूँ बस सिर्फ़ आशिक़ों का सहारा हूँ